सोमवार, मार्च 30, 2009

मेरा बचपन

गीली साँसों सा महकाता
कल कल आंसू नदी बहाता
शेरू की पूँछ में खो जाता
मेरा बचपन

याद आती नानी की पुडिया
एक गन्ना और इक गुडिया
रेल की पटरी उड़ती चिडिया
मेरा बचपन

इक डिबिया में जुगनू पाले
तितली को भी दाने डाले
जब घूमे मिटटी को साने
मेरा बचपन

पापा के स्कूटर की सीट
मम्मी की गोदी में नींद
साइकिल की घंटी सा स्वीट
मेरा बचपन

:-)

शुक्रवार, मार्च 27, 2009

ऊनी मोजा

एक डोर है हमसे तुम तक और एक फासला है तय करना |
एक पगडण्डी है टूटी सी और तमाम क्यारियों से है गुज़रना ||

एक खोया मोजा है मेरा हमदम जिसका जोड़ा है मुझे बनना |
एक ऊन का गोला है ज़िन्दगी और हमें स्वेटर है बुनना ||

इक फूल है मेरा मौला इक डाल है सजाना |
इक काँटा है मेरा हरफन लाल खून है बहाना ||

शनिवार, मार्च 21, 2009

सुहागन

जो गोमुख से निकली मै और नदियाँ जुड़ती गयीं...
समंदर दिखा तो सब तितर बितर जा मिलीं उससे...
समंदर मेरा दूल्हा नदियाँ मेरी सौत...

शनिवार, मार्च 14, 2009

साँसे

मेरी साँसों चलो तुम्हारा उधार चुकाएं हम
मीठे नीम की एक प्याली चाय बन जाएँ हम
घूँट घूँट किसी के लबों को गरम कराये हम
इस बहाने तुम्हे और संग छोड़ आयें हम

मेरी साँसों चलो तुमसे घर का किराया वसूल कर आए हम
अपनी ज़िन्दगी का कुछ मोल लगाए हम
तमान यादों का दस्तरखान बिछाए हम
फिर यादों में जान डालने का जुर्म कराये हम

मेरी साँसों चलो तुम्हे छोड़ जाएँ हम
एक और जिस्म में तुम्हे फूँक आए हम
एक संसर्ग से गोपाल बनाए हम
तेरे मेरे मिलन को एक वज़ह दिलाये हम